उत्तर भारत का सबसे बड़ा झिड़ी मेला सात नवंबर से शुरू हो रहा है। सात नवंबर को सुबह 11 बजे संभागीय आयुक्त रमेश कुमार और डीडीसी अध्यक्ष जम्मू भारत भूषण मेले का उद्घाटन करेंगे। यह मेला सात से 16 नवंबर तक चलेगा।
Jhiri Mela 2022: उत्तर भारत के सबसे बड़े मेले की तैयारियां पूरी, पढ़ें बाबा जित्तो की कहानी
Jhiri Mela 2022: झिड़ी मेला सात नवंबर से शुरू हो रहा है। यह मेला सात से 16 नवंबर तक चलेगा। मंदिर को रंग-बिरंगी झालरों से सजाया जा रहा है। दीवारों को रंग रोगन किया जा रहा है।
प्रशासन की ओर से मेले में लगने वाले झूलों और सर्कस का दाम भी तय कर दिया गया है। स्टॉल लगाने वाले दुकानदारों को भी झिड़ी मेले में आने वाले तीर्थयात्रियों से ज्यादा पैसे न वसूलने के निर्देश जारी किए गए हैं। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। बढ़ते डेंगू को देखते हुए दिनभर मंदिर के आस पास फॉगिंग की जा रही है।
कोरोना के कारण 2019 के बाद इस बार झिड़ी मेला लगाया जा रहा है। जबकि इसके पहले 2018 में भी बॉर्डर पर गोलाबारी के चलते मेला स्थगित कर दिया गया था। सूत्रों की मानें तो इस बार 10 लाख से भी अधिक तीर्थ यात्रियों के मेले में आने की संभावना है।
बाबा जित्तो की याद में लगता है मेला
झिड़ी में आस्था और विश्वास के प्रतीक बाबा जित्तो का देवस्थान है। अपने हक के लिए बाबा जित्तो ने जान दी थी। उनकी याद में यह मेला आयोजित किया जाता है। जिसमें पंजाब, हरियाणा से बड़े स्तर पर लोग पहुंचते हैं। बाबा जित्तो एक किसान थे। जिन्होंने अपने हक के लिए जान दी थी। इसलिए किसान वर्ग उनको विशेष तौर पर मानता है और उनके मंदिर में आकर शीष झुकाता है। मेले में लाखों लोग पहुंचते हैं।
कहां लगता है मेला
जम्मू से बीस किलोमीटर दूर झिड़ी गांव में बाबा जित्तो के दर पर आज उत्तर भारत का सबसे बड़ा मेला लगता है। मंदिर को आकर्षक तरीके से सजाया जा रहा है। आठ दिवसीय इस मेले में हर रोज बड़ी संख्या में श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए पहुंचते हैं। बाबा जित्तो और मां बुआ दाती का आशीर्वाद प्राप्त करने वालों की भी लंबी लाइन देखने को मिलती हैं।
झीड़ी मेले में बाबा जित्तो नाटक का होगा मंचन
नटरंग की ओर से आठ और नौ नवंबर को आयोजित झीड़ी मेले में बाबा जित्तो नाटक का मंचन होगा। नाटक साढ़े छह बजे आरंभ होगा। मेले में बीते 16 वर्षो से नाटक का आयोजन किया जा रहा है। निर्देशक बलवंत ठाकुर ने बताया कि नटरंग को श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की ओर से भी सहायता मिल रही है। इससे डोगरा इतिहास और संस्कृति को संजोने का मौका मिला है। उन्होंने उपायुक्त का भी आभार जताया और कहा कि बड़े स्तर पर नाटक का आयोजन किया जा रहा है। नाटक के माध्यम से बाबा जित्तो के जीवन पर प्रकाश डाला जाएगा और लोगों को मेहनत करने का संदेश दिया जाएगा।